गंगानगर की रानी बिटिया ने पिता की मौत की बाद भी नहीं मानी हार, महज 5 साल में चुकाया पिता का क़र्ज़

कहा जाता है कि जिम्मेवारियां उम्र नहीं देखती। कुछ ऐसा ही हाल हुआ श्रीगंगानगर में रहने वाली 15 साल की एक मासूम बच्ची रानी के साथ जब सिर्फ 15 साल की उम्र में ही उसके पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई। रानी के घर में उस समय उसकी मां और 9 साल का एक छोटा भाई था पिता के जाने के बाद आर्थिक चुनौतियां तो थी ही साथ ही साथ लोगों के ताने भी आए दिन सुनने पड़ते थे। लेकिन रानी ने 15 साल की उम्र में है गजब का जोश और समर्पण भाव दिखाया जिसके बाद से 5 सालों में उसने अपने पिता के आज अपने व्यवसाय को अकेले संभाल रही है।

पिता की हो गई थी एक्सीडेंट में मौत 15 साल की बच्ची ने संभाल लिया घर

आज के जमाने में कई लोग अपनी उम्र का बहाना बनाते फिरते हैं लेकिन श्रीगंगानगर में रहने वाली एक 15 वर्षीय बच्ची ऐसे मुश्किल हालातों का सामना किया है जिसको सुनकर ही आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। रानी के परिवार में उसके अलावा उसके पिता मां और 9 साल का छोटा भाई था। घर गृहस्थी रानी के पिता देखते थे लेकिन पिछले साल सितंबर में रानी के पिता की एक्सीडेंट में मौत हो गई। रानी की तो जैसे दुनिया ही उजड़ गई क्योंकि घर गृहस्थी का सारा भार पिता ने अपने कंधों पर ले रखा था और रिश्तेदारों ने इन लोगों से नाता तोड़ दिया था। रानी के लिए चुनौतियां बहुत ज्यादा बड़ी थी लेकिन इस बच्ची ने हार नहीं मानी और दिखाया कि अगर हौसला मजबूत हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है। रानी ने अगले 2 सालों में है पिता के करजू में से ₹58000 चुका दिया इसी दौरान वह अपने भाई की पढ़ाई को भी जारी रख रही थी लेकिन पिता के निधन के कुछ दिनों बाद जब पता चला कि उनके ऊपर 19 लाख का कर्जा था तब रानी एक बार फिर से समस्याओं में घिर गई लेकिन उसने हार नहीं मानी और अपने पिता की बंद पड़ी फैक्ट्री को नए सिरे से शुरुआत किया। साथ ही उसने अपने भाई का स्कूल में पढ़ाई जारी रखा।

अकेले ही फैक्ट्री में कर रही है 4 मजदूरों का काम आज पड़ोस के लोगों के लिए मिसाल बनी रानी

15 वर्ष की उम्र में ही अपने पिता को खोने के बाद रानी को कई ताने सुनने पर रहे थे एक तो कर्जदार उनके घर पर आ रहे थे दूसरी तरफ उसकी मां व्यवसाय में गिर गई थी लेकिन रानी ने अपने पिता के व्यवसाय को नए सिरे से शुरुआत किया अपने पिता की बंद पड़ी फैक्ट्री को उसने फिर से शुरुआत किया है हालांकि अपनी फैक्ट्री में उसने एक भी मजदूर नहीं रखा है और खुद ही वह दिन-रात कर के चार मजदूरों का काम अकेले कर रही है धीरे-धीरे वह अब अपने इस बिजनेस को आगे बढ़ा रही है रानी का कहना है कि अपने भाई को पढ़ा लिखा कर बड़ा इंसान बनाएगी जिससे आगे चलकर वह सहायता करेगा। रानी के इस मेहनत और लगन को देखकर आस पड़ोस में उसकी मिसाल पेश की जा रही है।

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About Shubham Tiwari

Shubham Tiwari is the Founder and editor of Gyan Sankhya. Having more than 5+ years of experience in Bollywood News writing covering all the biggest happenings of The B-Town.